#आजतक

कल भी सूरज निकलेगा कल भी पंछी गाएंगे

कल भी सूरज निकलेगाकल भी पंछी गाएंगेसब तुझको दिखाई देंगेपर हम न नज़र आएंगे। ………….. 1982 में आई फ़िल्म ‘प्रेमरोग’ का ये गीत जिसे संन्तोष आंनद जी ने लिखा था, लता दीदी ने स्वरबद्ध किया उसी का अंश, मैं समर्पित करता हूँ स्वर साम्राज्ञी को उनके अंतिम विदाई पर।।। बाकी सभी की तरह मैं अश्रुपूरित …

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ग्लोबल मीडिया के अंतर्गत वैश्विक सूचना प्रवाह का स्वरूप

वैश्विक स्तर पर मौजूद सूचना तंत्र ग्लोबल मीडिया कहलाता है। ज्यादातर लोगों को इन मुद्दों के बारे में अखबारों, पत्रिकाओं, रेडियो, टेलीविजन, और वर्ल्ड वाइड वेब की रोजमर्रा के समझ से बनती है, जिस तरह से डिजिटल व ऑनलाइन सूचना तंत्र का प्रसार हो रहा है, उससे इसमें नैतिकता व सर्वमान्य शिष्टाचार का बंधन भी …

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पिंगली वेंकैया(PINGALI VENKAYYA) : जिन्होंने भारत का राष्ट्रीय ध्वज बनाने से पहले 30 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों का किया अध्ययन

राष्ट्रीय ध्वज किसी भी देश की आन,बान, सान होता है। इसके लिए लोग अपनी जान की बाजी लगाने में भी अपना स्वाभिमान मानते है। इसको सामने देखते है मन गदगद हो जाता है और याद आता है कि

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