Category: story time

चित्तौड़ की कहानी

जिस माटी पर चली पद्मिनी महारानी,हे चित्तौड़गढ़ चलो भ्रमण तुम्हारा करते है।नम नयनों से नमन तुम्हारा करते है,ये अश्रु अनुसरण तुम्हारा करते है।। हे भारत के दुर्गों के मुखिया,स्वर्ग सी…

जामिया हूं मै, जामिया हूं मै

By SHUBHAM ROY बड़े-बड़े सपने बुनकर ,अपनी खुद की राह चुन कर,उम्मीदों के नावों में बैठे इन बच्चों का ,बीच भंवर फंसे इन सपनों का,खुद मांझी बन, पतवार थाम,बार-बार, हर…

मानव का द्वंद्व !

द्वंद्व से मानव घिरा,निज जीवन की आश में ,स्वयं को साध्य अमर्त्य मानताभौतिकता के आभास में !अधर आलिंगन में प्रकृति की ,करता रहा दीदार ,आत्म-अभिव्यक्ति के अन्तःस्थल में ,व्यक्त उद्गार…

मातृभाषा

निर्झर किंचित की स्वरों से ,एक आस सी मन में रहती है ,संकल्प शक्ति की यह भावना ,निज भाषा से रहती है ! लेकर यह अदम्य कल्पना ,खुद को खुद…

लौ

एक खाली गोद ,और एक सामाजिक  धब्बा,क्यों बनती हैं वो अकेली इसदुर्भाग्य का हिस्सा?? कुछ मिचलन और उबकाई ,मानो कुछ आशाएं दे जाती हैं। फिर तेज धडकने,उम्मीदों से चमकती आंखें,भीगी…

प्रेमाग्रह

सुनो! नई दिल्ली की पुरानी मकान की तरह हो तुम आधुनिकता की लंपट चुने,प्लास्टर, रंगों से एकदम दूर औरों की तरह मुझे किराएदार नही बनना है तुम्हारा, ना ही मुझे…

आचार्य चाणक्य के लिए एक तोला मांस, इतना महंगा क्यों?

एक बार सम्राट बिंदुसार ने अपने राज दरबार में पूछा:- देश की खाद्य समस्या को सुलझाने के लिए सबसे सस्ती वस्तु क्या है? मंत्री परिषद तथा अन्य सदस्य सोच में…

जीवन ka सार

अंतड़ियों में जकड़ है, पर मन में खटास है,, एक पल की जिंदगी में, न घर है और न घनश्याम है,, जीने की चाहत है, पर किराए की किल्लत है,,…

मानव और प्रकृति

 छा चुका है घोर अंधेरा, मानवता के दरवाजे पर,, रो रही है पृथ्वी बेचारी, अपने कर्म के विधानों पर,, खो दिया है उसने प्रेम सागर, आज, वर्तमान के लालचियों पर,,…

फेसबुक और लॉक प्रोफाइल

फेसबुक के लॉक प्रोफाइल की दासता जिनके प्रोफ़ाइल पर ताला पड़ा हो, उनसे कोई संवाद कैसे कर सकता है? वे संवाद में शामिल भी किस मुँह से होना चाहेंगे? ताला-जड़ित…

प्यार..जो समाज को अपना बना ले

“रूपा मैं तुम्हारे मरते दम तक तुम्हारे साथ रहुंगा,और तुम्हारे साथ ही अपने जीवन का अंत करूँगा”। ये शब्द आठ साल के उस लडके द्वारा कहना,जिसको अभी प्यार की परिभाषा…

प्यार का आँचल

शाम का समय कुछ समय मैनें सोचा की चलो पार्क में ही बैठ लिया जाए पर उसको कहा मेरा खाली बैठना मंजूर था और खास कर शांती से। उसने भी…

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