कैबिनेट ने बुधवार को दूरसंचार सेवाओं के लिए 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी करने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही एयरवेव्स के लिए अग्रिम भुगतान की ज़रूरत को ख़त्म करने को भी मंजूरी दी गई है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बोली जीतने वाले 5जी स्पेक्ट्रम के लिए 20 ईएमआई में भी भुगतान कर सकते हैं।

बयान में कहा गया है, ‘पहली बार सफलता पूर्वक बोली लगाने वालों द्वारा अग्रिम भुगतान करने की कोई अनिवार्यता नहीं है। स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान 20 समान वार्षिक किश्तों में किया जा सकता है, जिसका भुगतान प्रत्येक वर्ष की शुरुआत में अग्रिम रूप से करना होगा।’ बयान में कहा गया है कि इससे नकदी प्रवाह की आवश्यकताओं के काफ़ी कम होने और इस क्षेत्र में व्यवसाय करने की लागत कम होने की उम्मीद है।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दूरसंचार विभाग के स्पेक्ट्रम नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके माध्यम से बोली जीतने वालों को जनता और उद्यमों को 5जी सेवाएं प्रदान करने के लिए स्पेक्ट्रम सौंपा जाएगा।’

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बयान में कहा गया है कि जुलाई के अंत तक 20 साल की वैधता वाले कुल 72097.85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी।

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कैबिनेट ने मशीन-टू-मशीन संचार, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘निजी कैप्टिव नेटवर्क’ के विकास और स्थापना को सक्षम करने का भी निर्णय लिया। 

दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों की गति को जारी रखते हुए मंत्रिमंडल ने व्यापार करने में आसानी के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी के संबंध में विभिन्न प्रगतिशील विकल्पों की घोषणा की।

बोली जीतने वालों को शेष किश्तों के संबंध में भविष्य की देनदारियों के बिना 10 वर्षों के बाद स्पेक्ट्रम को सरेंडर करने का विकल्प भी दिया जाएगा। बता दें कि बाज़ार 5जी सेवाओं के शुरू करने के लिए कमर कस रहा है, जो अल्ट्रा-हाई स्पीड और नए जमाने की सेवाओं और बिजनेस मॉडल को लाएगा।

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