Day: 24 February 2022

आधुनिक होती दिल्ली में स्वच्छ पर्यावरण और पार्कों की दशा

मानव इतिहास में अभी तक जितने भी नवोन्मेष और सृजन हुए हैं  सभी का अंतिम उद्देश्य मानव जीवन को सरल बनाना रहा है। भौतिक उन्नति के साथ विकास और प्रगति के लिए मानव का स्वस्थ रहना भी जरूरी है ,क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। इसके लिए नियमित अनुशासन वाली दिनचर्या, …

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मानव का द्वंद्व !

द्वंद्व से मानव घिरा,निज जीवन की आश में ,स्वयं को साध्य अमर्त्य मानताभौतिकता के आभास में !अधर आलिंगन में प्रकृति की ,करता रहा दीदार ,आत्म-अभिव्यक्ति के अन्तःस्थल में ,व्यक्त उद्गार का पारावार !द्वंद्व से मानव घिरा, निज जीवन की आश में !स्वर्णिम विलास की उत्कंठा से ,प्रकृति को भी साधन माना ,उस प्रकृति की विकल …

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मातृभाषा

निर्झर किंचित की स्वरों से ,एक आस सी मन में रहती है ,संकल्प शक्ति की यह भावना ,निज भाषा से रहती है ! लेकर यह अदम्य कल्पना ,खुद को खुद पहचाना ,अस्मितभाव की व्यंजना से ,काव्य क्रंदन प्रति पल पाया ! निर्झर किंचित की स्वरों से ,एक आस सी मन में रहती है,संकल्प शक्ति की …

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