वीगन डाइट का इतिहास आज का नहीं बल्कि 78 साल का है। असल मे 1944 में सबसे पहले वीगन सोसाइटी की स्थापना हुई थी और यहीं से यह प्रचलन में भी आया। पर वास्तव में ऐतिहासिक रूप से यह तब प्रचलित हुई जब इस डाइट के संदर्भ में यूनाइटेड नेशन्स ने 2010 में एक रिपोर्ट पब्लिस करके वीगन डाइट को हमारा भविष्य बताया।

वीगन डाइट क्या है

वीगन एक शाकाहारी डाइट प्लान है पर शाकाहारी से थोड़ा अलग है जिसके तहत लोग पशु या उनके उत्पाद से बनी चीजें नहीं खाते हैं। इस डाइट को लेने वाले लोग अंडे, मांस, दूध से बने पनीर या मक्खन जैसे कोई भी डेरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इस डाइट प्लान में केवल सब्जियां, फल, होल ग्रेन्स, दाल, नट्स और सीड्स का ही इस्तेमाल किया जाता है।

इस डाइट में कच्चे फूड्स खाने पर ज्यादा जोर दिया जाता है, जिनमे फैट की मात्रा बहुत कम होता है।

वीगन डाइट को नार्मल डाइट की तरह ही किया जाता है और ये वजन कम करने में भी मदद करती है। किस समय क्या खाना है सब पहले से ही निर्धारित होता है और उसी अनुसार आपको अपना शेड्यूल भी बनाना पड़ता है।

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वीगन और वेजिटेरियन डाइट में क्या कोई अंतर है?

हाँ, इन दोनों के बीच एक अंतर है जो दोनों को अलग बनाता है और अंतर यह है कि वीगन डाइट फॉलो करने वाले डेयरी पदार्थ का प्रयोग नहीं करते जबकि शाकाहारी लोग शहद, अंडे (ज्यादातर शाकाहारी लोग अंडे को नॉन-वेजिटेरियन मानते है इसलिए इसका सेवन नहीं करते), सभी प्रकार की सब्जियां खा सकते हैं, पर वीगन डाइट फॉलो करने वाले लोग किसी भी ऐसी चीज का सेवन नहीं कर सकते जो पर्यावरण या जानवरों के अस्तित्व के लिए खतरा बने।

वीगन डाइट के क्या फायदे हैं?

  1. वीगन डाइट लेने से बॉडी का वजन तेजी से कम होता है और बॉडी मास इंडेक्स(BMI) भी कम होता है।
  2. वीगन डाइट में आप जो खाना खाते हैं वो एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरा होता है। जिससे शरीर कई बीमारियों की चपेट में आने से बचता है।
  3. वीगन डाइट अपनाने से रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों को दूर किया जा सकता है और दिल सेहतमंद रहता है।
  4. इस डाइट में फाइबर के तत्व ज्यादा होते हैं, जिससे पेट भरा हुआ लगता है और खाना का सेवन कम करने का मन नहीं करता है।
  5. वीगन डाइट में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता और सैचुरेटेड फैट की मात्रा भी काफी कम होती है। जिससे हार्ट संबंधी बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।
  6. शरीर मे सूजन और जलन की समस्या को कम कर सकता है।
  7. इस डाइट के चलते जानवरो की जान बच जाती है और इसी के साथ पर्यावरण का मदद करने में भी यह अहम भूमिका निभाता है।

वीगन डाइट के नुकसान

एक स्टडी में यह माना गया है कि ‘उन खाद्य पदार्थों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है, जिनका वीगन डाइट लेते समय कमी होने का संदेह जताया जाता है। जिन घटकों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है वे हैं:- प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी12, आवश्यक फैटी एसिड, जिंक, आयोडीन और आयरन।

  1. वीगन डाइट अपनाने से पशु उत्पाद पूरी तरह बंद हो जाते हैं। ऐसे में शरीर मे कैल्शियम और ओमेगा-3 जैसे विटामिन और मिनरल की कमी हो जाती है।
  2. वीगन डाइट में आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक नहीं मिल पाते हैं। जिसके कारण से पाचन तंत्र खराब हो सकता है।
  3. जानवरों और पर्यावरण को बचाना एक सराहनीय काम पर इससे आप खुद कमजोर बन जाएंगे।
  4. वीगन डाइट को फॉलो करने वाला व्यक्ति बाहर का भोजन नहीं खा सकता है, क्योंकि ज्यादातर रेस्टोरेंट या तो शाकाहारी या मांसाहारी ही खाना पकाते हैं।
  5. वीगन डाइट को अपनाने से शरीर मे खनिजों की कमी हो सकती है। जिससे कई तरह की परेशानियां आपके शरीर मे जन्म ले सकती हैं।
  6. इस डाइट को अगर आप फॉलो कर रहे हैं और बाद में एक निश्चित समय या किसी कारणवश छोड़ देते हैं तो इसकी आशंका ज्यादा है कि आपका वजन बहुत तेजी से बड़े।

वीगन डाइट और सेलेब्रिटीज़

अगर बात करें हॉलीवुड के सेलिब्रेटी की तो यह सिलसिला फ़्लोका प्लेम से लेकर बेयोंसे तक सब वीगन डाइट पर चल रहे हैं। वहीं भारतीय सिनेमा में देखे तो यहाँ भी इसका प्रचलन बढ़ गया है सोनाक्षी सिन्हा, मल्लिका शेरावत, जैकलीन फर्नांडिस, आर. माधव जैसे सेलेब्रिटीज़ आते हैं।

1 नवंबर को वीगन डाइट डे घोषित कर दिया गया है।

By Admin

One thought on “वीगन डाइट क्या है, वेजेटेरियन से यह कैसे अलग है?”

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