किसी व्यावसायिक या केन्द्रीभूत इवेंट के संयोजन या योजनापूर्ण प्रक्रिया को इवेंट मैनेजमेंट कहते हैं। इसमें संगीत समारोह, फ़ैशन प्रदर्शनी, कॉरपोरेट सेमिनार, विवाह समारोह आदि कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं, दूसरे शब्दों में समझे तो “Event management is the application of management practices of project management to the creation and development of festivals and events.”

इवेंट मैनेजमेंट से पहले क्या-क्या अध्ययन कर लेना चाहिए:-

  1. ब्रांड का अध्ययन:- इवेंट मैनेजमेंट करने के दौरान हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि, हम किस ब्रांड के लिए इवेंट करने जा रहे हैं।
  2. लक्षित दर्शकों की पहचान करना ताकि इवेंट प्रभावपूर्ण हो सके।
  3. ब्रांड से संबंधित एक अवधारणा को तैयार करना।
  4. योजनाओं को तर्कसंगत और न्यायसंगत बनाने का प्रयास करना।
  5. संबंधित इवेंट पर कितना खर्च किया जाए और कैसे इस बात का पहले ही हल निकाल लेना।

एक आंकड़े के अनुसार भारत में इवेंट उद्योग सालाना कम से कम 25 प्रतिशत बढ़ने की ओर अग्रसर था और उसका 2020-2021 तक, 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान था पर कोविड 19 की वजह से इसमें भारी कमी आयी है।

Different types of events

  • कॉर्पोरेट इवेंट्स (एमआईसीई:- मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंसेस और एक्सहिबिशन्स)
  • कारण संबंधित घटनाएं
  • अनुदान संचयन कार्यक्रम
  • डेस्टिनेशन ऑफ थीम वेडिंग्स
  • व्यापार मेला
  • सरकार और राजनेताओं के इवेंट्स
  • खेल इवेंट्स
  • मार्केटिंग इवेंट्स- ब्रांड्स और उत्पाद
  • कंसर्ट्स और लाइव कार्यक्रम

इवेंट मैनेजमेंट को सभी कंपनियों, सरकारों, विभागों आदि द्वारा एक रणनीतिक मार्केटिंग टूल के रूप में देखा जाता है।

Top 5 Event Management Companies in India

  • 360 डिग्री
  • परसेप्ट डी मार्क
  • Wizcraft international Entertainment pvt Ltd
  • DNA Networks Pvt Ltd
  • Cox and King

Department involved in Event Management

  • Target audience
  • Finance
  • Marketing
  • Security
  • Location
  • Scheduling
  • Creativity
  • Logistics

Event और प्रायोजन के बीच संबंध

प्रायोजन किसी गतिविधि का एक वित्तीय या एक तरह का समर्थन है, जिसका उपयोग व्यावसायिक लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए किया जाता है।

प्रायोजन को विज्ञापन के साथ भ्रमित नहीं होना चाहिए।

एक बड़ी संख्या में कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए प्रयोजन मॉडल का प्रयोग किया जाता है ताकि वे अच्छे से किसी कार्यक्रम को प्रस्तावित कर सकें।

कंपनियां प्रायोजक कार्यक्रम क्यों करती हैं?( लाभ या फायदा)

  • जागरूकता और क्षेत्र को विस्तृत करने के लिए
  • ब्रांड के छवि का निर्माण करने के लिए
  • नए ग्राहकों को जोड़ने के लिए
  • बिक्री और सेवाओं के वृद्धि के लिए
  • Media coverage

Types of sponsorship

  • Title sponser- Main Sponsor
  • Travel sponsor- Travel partner
  • Media Sponsor- Media partner
  • Print sponsor- Print partner
  • Education sponsor- Education Partner
  • Hotel Sponsor- Hotel Partner
  • Costume Sponsor- Costume Partner
  • Food Sponsor- Food partner

Cause Event Sponsorship

Cause Event sponsor, प्रयोजन का ही एक रूप है जिसमें किसी घटना या संगठन को किसी कार्यक्रम को उसके नाम से प्रसारित करना है और उस योगदान के लिए सार्वजनिक मान्यता प्राप्त करना है, इसमें आपके व्यवसाय को उस कार्यक्रम के साथ जोड़ दिया जाता है। उदाहरण के लिए Airtel delhi half Marathon ।

प्रयोजन की कमियां (Demerits)

  • आईपीएल, फिल्म फेयर, वर्ल्ड कप, आदि जैसे बड़े आयोजनों के साथ जुड़ने पर भारी निवेश करना पड़ता है।
  • इवेंट्स में विज्ञापन अव्यवस्था का होना- क्योकि वहाँ बहुत सारे प्रायोजक होते हैं और जिनके बहुत सारे लोगो होते हैं।
  • सफलता को मापना मुश्किल है- निवेश पर वापसी (आरओआई) कितनी हुई है यह जानना मुश्किल है ।

इवेंट के लिए प्रायोजन करते हुए निर्णय कैसे लेना चाहिए

  1. क्या उनके ब्रांड के लिए संबंधित इवेंट सही है।
  2. क्या वह संबंधित इवेंट, उनके टारगेट ऑडियंस तक पहुँच सकता है या पहुँच रहा है।
  3. क्या इस इवेंट को पहले कभी स्पॉन्सर्ड किया गया या उसमें स्पॉन्सर्ड करने की होड़ लगी है।
  4. क्या यह इवेंट ज़्यादा मीडिया कवरेज प्रोवाइड करवा रहा है- प्रिंट, डिजिटल, टीवी और आउट डोर जैसे जगहों पर।

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