यह तो हम सब जानते हैं कि 1 वर्ष में, 12 महीने होते हैं और प्रत्येक माह में 30 या 31 दिन होते हैं, लेकिन वर्ष में एक माह ऐसा भी है जिसमें 30 या 31 नहीं, बल्कि 28 या 29 दिन होता है| पर क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे का कारण क्या है |अगर नहीं पता है तो टेंसन नको ले और ये पोस्ट पढ़ें|

फरवरी का नामकरण कैसे हुआ– फरवरी शब्द की उत्पत्ति रोमन महीने के Februarius नाम से हुआ है| रोमन महीना Februarius के लातिन भाषा के शब्द, फेब्रम (Februm) से हुआ है| जिसका अर्थ है शुद्ध, वास्तव में दोस्तों आपको बता दें कि आज हम जिस कैलेंडर का प्रयोग कर रहे हैं वह रोमन कैलेंडर पर आधारित है|

पुराने रोमन कैलेंडर में महीने की शुरुआत मार्च माह से होती थी और पूरा वर्ष 304 दिन का होता था जिसके तहत वर्ष में 10 माह होते थे| पर समय के साथ इस कैलेंडर में सुधार हुआ और 2 महीनें जनवरी और फरवरी को जोड़ दिया गया और अब वर्ष 12 माह यानी 355 दिन का हो गया, लेकिन यह कैलेंडर भी सही साबित नहीं हुआ और कुछ त्यौहार इस कैलेंडर के अनुसार सही समय पर नहीं आए| ऐसे में दोबारा इस कैलेंडर में सुधार किया गया और इन त्यौहारों की तारीख को सही करने के लिए फरवरी माह में 2 दिन कम कर दिया गया और वर्ष में 365 दिन का हो गया|

इस कैलेंडर कि मुख्य बात यह रही कि यह कैलेंडर पृथ्वी और सूर्य की परिक्रमा के आनुसार बनाया गया था| ऐसा इस लिए भी किया गया क्योंकि पृथ्वी को सूर्य का चक्कर पूरा करने में 365 दिन और 6 घंटे का समय लगता है, और प्रत्येक वर्ष 6 घंटे बढ़ जाते हैं और बाद में यही 6 घंटे 4 साल बाद 24 घंटे यानी 1 दिन बना देते हैं। जिन्हें फरवरी माह में जोड़ दिया जाता है|

यही कारण है कि फरवरी माह 28 या 29 दिन के होते हैं|

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