मेघालय
  • मेघालय की राजधानी शिलांग है , जो बेहद खूबसूरत है और यह इस राज्य का सबसे बड़ा शहर भी है।
  • मेघालय पहले असम राज्य का ही एक भाग था, लेकिन सन 1972 में असम के खासी ,गारो और जयंतिया पर्वतीय क्षेत्रों को काटकर नया राज्य घोषित कर दिया गया , जिसका नाम मेघालय रखा गया।
  • मेघालय की करीब 80% आबादी कृषि पर निर्भर है, चावल और मक्का यहां की मुख्य फसल है यहां का करीब 70% हिस्सा जंगल से भरा हुआ है , मेघालय में 3 वन्य जीव अभ्यारण हैं नोंगखाई ,सीजू अभ्यारण और बाघमारा अभयारण्य, यहां जिंदा पेड़ों से पुल बने हुए हैं।
  • मेघालय में हर तरह का जीव जंतु और पक्षी पाए जाते हैं । यहां मुख्य रूप से लाल पांडा, हाथी, भालू , जंगली भैंस, हिरण, जंगली सूअर , दुर्लभ प्रजातियों के चमगादड़ आदि पाए जाते हैं । इसके अलावा सरीसृप , छिपकली , मगरमच्छ और कछुए भी यहां पाए जाते हैं।
  • मेघालय की मावलिनंग गांव को 2003 में एशिया का सबसे स्वच्छ गांव का अवार्ड मिला था।
  • दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय के मासिनराम और चेरापूंजी में ही होती है , इन दोनों क्षेत्र में साल में 12 महीनों में से 10 से 11 महीने बारिश होती है।
  • मेघालय में करीब 75% लोग ईसाई धर्म का पालन करते हैं।
  • मेघालय में “बंगला फेस्टिवल” गारो जाति के लोगों द्वारा भगवान सूर्यनारायण को धन्यवाद कहने के लिए मनाया जाता है।
  • मेघालय में मुख्य रूप से खासी ,गारो और जयंतीया जाति के लोग बसते हैं, इसके अलावा हजोग और तिवा जनजाति के लोग भी यहां रहते हैं।
  • मेघालय में नोंगक्रेम त्यौहार बहुत लोकप्रिय है जो नवंबर में 5 दिनों के लिए मनाया जाता है, यह मेघालय की खासी जाती द्वारा “फसल धन्यवाद” के रूप में मनाया जाता है जिसकी शुरुआत बकरी की बलि देकर होती है , यहाँ कुंवारे लड़के और लड़कियां साथ मिलकर नृत्य करते हैं जो बेहद ही मनोरंजक होता है।

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