फेसबुक का परिचय

फेसबुक विश्व का सबसे बड़ा ‘सोशल मीडिया प्लेटफार्म’ है, यह  एक  निशुल्क  ‘सामाजिक नेटवर्किंग सेवा’ है। इसकी स्थापना हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 4 फरवरी 2004 को एक छात्र मार्क जुकरबर्ग  ने की  थी। शुरुआती समय मेें इसका नाम ‘द फ़ेसबुक’  था जिसे   अगस्त 2005 में  बदलकर  ‘फेसबुक’  कर दिया  गया।
इसकी लोकप्रियता पहले हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में, फिर कुछ ही महीनों में यह नेटवर्क पूरे यूरोप में फैल गया और फिर धीरे-धीरे पूरे विश्व में लोकप्रिय होने लगा।
फेसबुक एक बहुभाषी सोशल नेटवर्किंग साइट है। जिसमें अन्य भाषाओं के साथ हिंदी में भी काम करने की सुविधा है। यदि 2015 के आंकड़ों को देखा जाए तो इसके अनुसार इसके कुल राजस्व 17.93 बिलियन अमेरिकी डॉलर से कुछ अधिक ही है।यह(फेसबुक) गूगल के बाद दूसरी ऐसी नेटवर्किंग साइट है जिसे लोगों(उपयोगकर्ता) के द्वारा प्रयोग में लाया गया।

फेसबुक की उपयोगितावर्तमान समय में लोग, किसी अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट से ज्यादा ‘फेसबुक’ को पसंद और प्रयोग करते हैं। इसलिए इसे सामाजिक उपयोग के रूप में भी देखा जा सकता है।इसकी उपयोगिता इसलिए भी है कि ये सूचना का प्रेषण, विश्लेषण एवं ज्ञान के प्रसार में सरल एवं सहज रूप से अपनी भूमिका निभाता है।
फ़ेसबुक एक ऐसा माध्यम है जिससे सदस्य लोग अपने मित्र, परिवार, और परिचितों के साथ संपर्क आसानी से रख सकते हैं। इससे इण्टरनेट से जुड़े कोई भी उपयोगकार्य अपना एकाउंट बनाकर अपने उपयोग में ला सकता है। इस साइट के माध्यम से लोग अपने मित्रों और परिचितों का नाम या ईमेल आदि डालकर उन्हें ढूढ़ सकते हैं इसके साथ ही वह अपने मित्रों,परिचितों की एक अंतहीन श्रृंखला से जुड़ सकते हैं जिसके साथ वे अपना समूह भी बना सकते हैं।यह समूह विद्यालय, कॉलेज,जिला,शहर या उपयोगकर्ता के रुचि के हिसाब से भी समूह बनाने की इजाज़त देता है।
इसका उपयोग ज्ञान और मनोरंजन दोनों के साथ किया जा सकता है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता किसी भी मुद्दे पर पोस्ट कर के उसकी प्रतिपुष्टि कर सकता है और वे किसी मुद्दे पर जागरूक भी इस माध्यम से कर सकते हैं।
अपने पोस्ट के किसी भी शब्द पर’हैजटैग #’ लगा कर उसका लिंक बना सकते हैं। जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता अगर उस लिंक पर क्लिक करे, तो उस मुद्दे से संबंधित तमाम जानकारी उसे आसानी से प्राप्त हो सके। इसके साथ-साथ ही यदि पोस्ट में किसी व्यक्ति का उल्लेख करना हो या है तो उसे भी आसानी से टैग कर सूचना को पहुँचाया जा सकता है।ऐसा करने से एक ही बार में वह सूचना या पोस्ट केवल टैग किये हुए व्यक्ति को ही नहीं वरन उसके सभी दोस्तों को भी आसानी से दिख सकती है जिसे पोस्ट करते समय टैग किया गया हो।
अब फेसबुक पर सार्वजनिक पेज के निर्माण के साथ वे लोग भी पोस्ट देख सकते हैं जो इसपर नहीं है(लिंक के माध्यम से)।सार्वजनिक पेज निर्माण के ऑप्शन के साथ पेज का अधिकतर निर्माण विशेष प्रकार के कंटेंट के लिए किया जाने लगा है जिससे इसकी महत्वता में और वृद्धि देखा जा सकता है। ऐसा नहीं है कि इसका प्रयोग केवल व्यापार के लिए ही किया जाए, बहुत से उपयोगकर्ता इसका प्रयोग अपने एकाउंट पर 5000 दोस्त हो जाने पर भी पेज का निर्माण करते हैं ताकि और दोस्तों से भी जुड़ सकें क्योंकि फेसबुक एकाउंट पर दोस्त बनाने की एक सीमा होती है और फेसबुक पेज इन सीमाओं से उपयोगकर्ता को छूट देता है।
इन पेजों पर मनोरंजन के लिए मीम,वायरल वीडियो ,फ़ोटो,ज्ञान, रोचक तथ्य , सूचना आदि के लिए किया जाता है।पेज का संचालन अधिकतर एक समूह या व्यक्ति के द्वारा किया जाता है(यह पेज के विषय पर निर्भर करता है) और यह समूह उपयोगकर्ता की रुचि के अनुसार कंटेंट को तैयार करते हैं और बाद में इसे इसपर पोस्ट कर अपने फॉलोवर्स के लिए उपलब्ध कराते हैं।इससे यह बात भी स्पष्ट हो जाती है कि फेसबुक केवल सामाजिक उपयोग के लिए ही नहीं बल्कि व्यवसायिक उपयोग में भी उपयोग किया जा सकता है या हो रहा है।कई उपयोगकर्ता यहाँ अपने उत्पादन (प्रोडक्ट) का विज्ञापन भी पोस्ट करते हुए दिख जाते हैं। ये अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन यहाँ इसलिए भी करते हैं क्योंकि फेसबुक के द्वारा आसानी से अपने प्रोडक्ट को बेचा जा सकता है और अधिक-से-अधिक लोगों तक अपने प्रोडक्ट को पहुँचाया जा सकता है।
विज्ञापन की यह सुविधा ‘गूगल एडसेंस’ द्वारा दी जाती है। एडसेंस उपयोगकर्ता के उपयोग के अनुसार विज्ञापन दिखाता है।इसके द्वारा उत्पादक और उपभोक्ता कहीं भी रह कर क्रय-विक्रय करने में सक्षम होते हैं।वर्तमान में फेसबुक ने समस्त भौगोलिक एवं भाषिक सीमाओं को तोड़कर सम्पूर्ण विश्व को एक सूत्र में बॉधने के कारण व्यावसायिक प्रक्रिया में तेज़ी को देखा जा सकता है और उसे महत्वता को भी परखा जा सकता है।

लोकप्रियता के आधारआज पूरे भारत में फेसबुक के लगभग 280 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं।यह दुनिया का सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया नेटवर्क प्लेटफार्म के साथ सबसे ज्यादा अब तक डाउनलोड किया जाने वाला दूसरा ऐप है।
फेसबुक की लोकप्रियता के निम्न आधार देख सकते हैं:-1) आकर्षक फ़ीचर     फेसबुक का इतना अधिक लोकप्रिय होने का कारण उसके आकर्षक फीचर्स को कहा जा सकता है।इसी कारण इस प्लेटफार्म को उपयोगकर्ता कितना भी उपयोग कर ले उसे इससे बोरियत महसूस नहीं होती। उपयोगकर्ता इसके माध्यम से अपना स्टेटस लगा कर अपने मूड, कार्य और अपने नजरिये आदि की जानकारी अपने दोस्तों(FRIENDS) और इसके उपयोग करने वालों को दे सकते हैं। वहीं वह किसी भी मुद्दे पर ‘कमेंट’ के ऑप्शन से किसी को भी प्रतिक्रिया देने और शेयर करने में सक्षम हो सकते हैं।फेसबुक के संचालक कई कार्यक्रम तैयार करते रहते हैं, जिनके माध्यम से प्रयोगकर्ता अपनी रुचि के अनुरूप इसका प्रयोग कर सकते हैं/करते हैं। जैसे जन्मदिन को सेलिब्रेट करना, दोस्तों के या आपके फोटोज़ के कोलाज बनाकर तैयार करना आदि आते हैं। इसके अलावा अपने या अपनी रुचि के चित्र अपलोड कर सकते हैं। यह चित्र केवल उन्हीं तक ही सीमित रखे जा सकते हैं जिन तक वह उपयोगकर्ता चित्र को दिखाने की सोच रखते हों। फेसबुक प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसके उपयोगकर्ता अपने पसंदीदा सेलेब्रिटीज़, लेखक, चित्रकार या संगीतकार आदि से भी संपर्क रखने में आसानी होती है।
2) दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म:-     फ़ेसबुक दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है इसलिए भी शायद इसे ज्यादातर लोग वर्चुअल दुनिया का हिस्सा समझते हैं और इसका प्रयोग भी ज्यादातर उपयोगकर्ता यही सोच कर करते हैं कि वे वर्चुअल दुनिया में जुड़ कर अपने को सम्मान जनक स्थान दे सकते हैं। पूरे भारत में फेसबुक के 280 मिलियन, यूनाइटेड स्टेट में 190 मिलियन ,इंडोनेशिया में 130 मिलियन और ब्राज़ील में 120 मिलियन उपयोगकर्ता के लगभग हैं। इसके उपयोगकर्ता पूरे विश्व में हर उस व्यक्ति को फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड कर सकते हैं जो फेसबुक हैं यानी जिसका एकाउंट फेसबुक पर है। हाँ, जो फेसबुक के उपयोगकर्ता नहीं हैं,वे केवल लिंक के माध्यम से अब उस पोस्ट को देख सकते हैं(अगर शेयर किया गया हो तो) पर उस पोस्ट को न तो वे लाइक कर सकते हैं,न ही कमेंट कर सकते हैं और न ही उस पोस्ट को शेयर कर सकते हैं(जो लिंक उसको सेंड किया गया है उसे वो शेयर और फॉरवर्ड कर सकते हैं)। इस रूप में भी यह अपनी लोकप्रियता को दर्शाता है।
फेसबुक के माध्यम से कोई भी व्यक्ति कहीं भी बैठे-बैठे(नेट जरूरी) वह अन्य देश के लोगों, भूगर्भीय छेत्रों के उपयोगकर्ताओं आदि से चैट और वीडियो आदि के माध्यम से जुड़ सकते हैं। फेसबुक के माध्यम से कोई भी प्रयोगकर्ता ये भी देखने में सक्षम हो सकते हैं कि विदेशों में क्या ट्रेंड चल रहा है, उसका प्रभाव क्या हो रहा है और उनके कल्चर , संस्कृत में क्या बदलाव हो रहे हैं या होने की आशंका है आदि जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपने देश से उसका मूल्यांकन कर सकते हैं।
3) आसान तकनीक(टेक्नोलॉजी)     फेसबुक के इतने अधिक फ़ीचर और विश्वव्यापी लोकप्रिय तकनीक के बाद भी इसकी तकनीक और इसी के साथ इससे जुड़ने और इसके चलाने का तरीका बहुत ही सरल और सहज है। फिर चाहे इससे जुड़ने वाले लोग पढ़े लिखे हों या अनपढ़ हो सभी के लिए फेसबुक सामान्य और सरल तकनीक मुहैया कराने का प्रयासरत रहते,देख सकते हैं। फेसबुक एक बहुभाषी ऐप है, यह अन्य भाषाओं के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी अपनी तकनीक को मजबूत बना रहा है जिसमें  वे इसकी शैली,व्याकरण सीख कर अपने प्लेटफॉर्म को और मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इस प्लेटफार्म से जुड़ने के लिए एक व्यक्ति की उम्र 14 साल से अधिक होनी चाहिए, उसके पास ईमेल आईडी या फ़ोन नंबर या फिर व्यक्ति इन दोनों का आवश्यकता के अनुसार प्रयोग में ला सकता है पर एक निश्चित आयु सीमा पार कर लेने के बाद ही यह संभव है(फेक एकाउंट को छोड़ कर)।आई डी बनाते समय व्यक्ति अपने से संबंधित डिटेल्स जैसे नाम, उम्र , लिंग, प्रोफेसन, जन्म,प्रोफाइल फोटो आदि भर कर अपना एकाउंट एक्टिव कर सकता है पर वो इनमे से कुछ कॉलम को छोड़ भी सकता है जैसे प्रोफाइल फोटो प्रोफेसन, लिंग। यह उस व्यक्ति के व्यक्तित्व पर निर्भर करता है कि वह कैसा एकाउंट चाहता है।आई डी एक्टिव हो जाने पर वह एक उपयोगकर्ता के रूप में किसी भी व्यक्ति को फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड करने में सक्षम हो जाता है जो कि फेसबुक पर हैं और इसके साथ हि वह फेसबुक की अन्य सुविधाओं का भी लाभ प्राप्त कर सकता है जो इस प्लेटफार्म पर है।

4) व्यवसाय का अच्छा ,सुगम साधन:-     ऐसा नहीं है कि फेसबुक का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए ही हो रहा हो, इसका उपयोग अब उपयोगकर्ताओं द्वारा व्यवसाय के लिए भी किया जाने लगा है आज इसपर उपयोगकर्ता अपने व्यवसाय का विज्ञापन आसानी से कर के अपने व्यवसाय को आगे बड़ाने का एक जरिया के रूप में देख रहे हैं। एक व्यावसायिक उपयोगकर्ता फेसबुक पर अपने पेज का निर्माण कर अपने व्यापार से संबंधित वे सभी जानकारी उपलब्ध करा कर,जो उसके व्यवसाय से संबंधित है, लक्षित समूह(उपयोगकर्ता) तक पहुँचने की कोशिश करता है ताकि वह समूह इसके व्यवसाय को समझ कर उसके माल, उत्पादन का उपयोग आसानी से खरीद कर कर सके। उदाहरण के लिए उत्पादक द्वारा अपने प्रोडक्ट की सभी आवश्यक डिटेल्स, प्रोडक्ट की फ़ोटो,वीडियो और रिव्यु को पोस्ट कर अपने उत्पादन के लिए विश्वसनीयता बढ़ाना आदि। इस पेज पर वे इन डिटेल्स के साथ अपने दुकान, शोरूम का पता फ़ोन नंबर आदि चीजे उपलब्ध कराते हैं ताकि कोई उपभोक्ता उनके आइटम को देख कर दुकान पर या शोरूम पर आना चाहे तो उसे कोई दिक्कत न हो और आसानी से वह उनके माल को खरीद सके और उसके पेज के प्रचार में दूसरों को सकारात्मक प्रतिक्रिया दे सके ताकि उसके पेज का नाम हो और उसके समान की बिक्री हो।यदि देखें तो इन सब ताम-झाम से सबसे ज्यादा इन पेजों से लाभ सबसे अधिक उपभोक्ताओं को होता है क्योंकि उन्हें एक ही आइटम के कई ब्रांड व खुबिया मिल जाती हैं। इसके साथ उपभोक्ता बिना दुकान पर या शोरूम पर गए उत्पादक को अपना आर्डर देकर अपना प्रोडक्ट खरीद सकता है और पसंद न आने पर उसे निश्चित दिए गए समय अंतराल में वापस भी कर सकते हैं।
निष्कर्ष:-उपरोक्त बात से यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत में सबसे ज्यादा फेसबुक के उपभोक्ता हैं परंतु लन्दन की कंपनी ‘सिमिलर वेब’ की तरफ से नौ देश में सर्वक्षण किया गया, इस सर्वेक्षण के अनुसार पिछले सालों के मुकाबले लोग अब सोशल मीडिया पर अब कम समय गुजारने लगे हैं।परंतु अन्य माध्यमों की तुलना में फेसबुक आज भी पहली पसंद है लोगों की।इसका उदाहरण कोरोना के कारण लगाए गए लॉकडाउन जैसी स्थिति से समझा जा सकता है जहाँ एक तरफ लोग इस माध्यम से एक दूसरे से संवाद कर रहे हैं।तो दूसरी तरफ शिक्षण संस्थानों ने अपने छात्रों से जुड़ने का एक अच्छा माध्यम माना है जहाँ ऑनलाइन क्लासेस से लेकर पढ़ाई से जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।जिससे यह स्पष्ट है कि फेसबुक सोशल मीडिया वर्तमान में भी अपनी लोकप्रियता को बनाए और बचाए रखने में सफल रहा है।
सभी इमेज गूगल से लिए गए हैं।EDUCATION PURPOSE ONLY…..Abhinav tiwariअभिनव तिवारी शंकर कुमार का बहुत बहुत शुक्रिया….

By Admin